पौधशाला में पहुंचकर सीडीओ ने परखी हकीकत, चार लाख पौधों के उत्पादन की क्षमता का मौके पर लिया जायजा

गाजियाबाद। सरकारी योजनाओं और विभागीय व्यवस्थाओं को कागजों तक सीमित रखने के बजाय मौके पर पहुंचकर उनकी वास्तविक स्थिति परखने की कार्यशैली के तहत मुख्य विकास अधिकारी ने बुधवार को कविनगर स्थित राजकीय पौधशाला और मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया। सीडीओ ने पौधशाला में पौधों के उत्पादन से लेकर परिसर की व्यवस्थाओं तक का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ मौके पर उनकी स्थिति भी देखी। इस दौरान जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह और विभागीय स्टाफ मौजूद रहा। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने राजकीय पौधशाला कविनगर में संचालित मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की व्यवस्थाओं को देखा। सीडलिंग चैम्बर में पौध उत्पादन की स्थिति का जायजा लेने पर वहां पूरी क्षमता के साथ करीब चार लाख पौधों का उत्पादन पाया गया। सीडीओ ने उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए पौधों की स्थिति और उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पौध उत्पादन से जुड़ी प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद सीडीओ ने राजकीय पौधशाला परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पौधशाला में तैयार किए जा रहे अलंकृत पौधों के उत्पादन क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां विभिन्न प्रकार के अलंकृत पौधों का उत्पादन होता पाया गया। उन्होंने परिसर में पौधों की स्थिति और उत्पादन क्षेत्र की व्यवस्थाओं को देखा तथा विभागीय अधिकारियों से संबंधित जानकारी ली।
सीडीओ की निरीक्षण कार्यशैली का खास पहलू यह रहा कि उन्होंने केवल पौध उत्पादन की स्थिति देखने तक निरीक्षण सीमित नहीं रखा, बल्कि पौधशाला परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई को लेकर उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधशाला परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी पौधशाला केवल पौध उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां आने वाले लोगों और विभागीय गतिविधियों के लिहाज से भी व्यवस्थाएं व्यवस्थित रहनी चाहिए। इसलिए परिसर को साफ, सुव्यवस्थित और बेहतर स्थिति में रखा जाए। उन्होंने मौके पर दिखाई देने वाली व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखी। उनकी कार्यशैली से साफ रहा कि विभागीय कामकाज में केवल रिपोर्ट के आधार पर संतुष्ट होने के बजाय धरातल पर जाकर स्थिति की जांच की जा रही है। पौधशाला में चार लाख पौधों के उत्पादन की क्षमता और अलंकृत पौधों के उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने परिसर की मूलभूत व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया। सीडीओ ने अधिकारियों को संकेत दिया कि विभागीय परिसरों में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सीडीओ के निरीक्षण के बाद उद्यान विभाग के अधिकारियों को पौधशाला की व्यवस्थाओं में सुधार और साफ-सफाई व्यवस्था को नियमित बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।


