ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा, 93 लाख रुपये साफ; गैस कनेक्शन कटने के मैसेज से भी ठगी
गाजियाबाद। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी के लिए नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कहीं शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लाखों रुपये हड़पे जा रहे हैं तो कहीं गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर बैंक खातों में सेंध लगाई जा रही है। कविनगर थाना क्षेत्र के राजनगर निवासी एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 92.95 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने रकम 15 बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। वहीं, क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी एक अन्य व्यक्ति को आईजीएल गैस कनेक्शन कटने का संदेश भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई, जिसके बाद उनके खाते से 67 हजार रुपये निकाल लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजनगर निवासी महेंद्र गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत में बताया कि उनका पहले से डीमैट खाता है और वह शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं। एक दिन फेसबुक चलाते समय उन्हें शेयर ट्रेडिंग में अच्छा मुनाफा कमाने का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनका संपर्क एक युवती से हुआ। युवती ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया, जहां ट्रेडिंग से जुड़े लाभ और निवेश के बारे में जानकारी देकर उनका भरोसा जीतने का प्रयास किया गया। आरोप है कि ठगों ने विश्वास में लेकर उन्हें नया डीमैट खाता खोलने की सलाह दी। इस पर पीडि़त ने अपनी पत्नी के नाम से खाता खुलवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने निवेश के नाम पर उनसे रकम ट्रांसफर करानी शुरू कर दी। शिकायत के मुताबिक, दो से 23 सितंबर के बीच साइबर ठगों ने कुल 92.95 लाख रुपये 15 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। बड़ी रकम गंवाने के बाद पीडि़त ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर रकम के लेनदेन और संबंधित बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। दूसरे मामले में क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी नवीन आनंद ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त को दोपहर करीब डेढ़ बजे उनके मोबाइल पर आईजीएल गैस कनेक्शन कटने का संदेश आया। संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने खुद को आईजीएल का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद उसने नवीन आनंद के व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। पीडि़त के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने फाइल डाउनलोड की, उनके बैंक खाते से उनकी अनुमति के बिना दो लेनदेन हो गए। पहली बार में 57 हजार रुपये और दूसरी बार में 10 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 67 हजार रुपये की ठगी हुई। पीडि़त की शिकायत पर क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर ठगी के इन दोनों मामलों में लोगों को लालच और डर के जरिए निशाना बनाया गया। ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। वहीं, गैस कनेक्शन या अन्य सेवाओं के नाम पर आने वाले अनजान संदेशों में दिए गए नंबरों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। खाते से रकम निकलने की स्थिति में तत्काल बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।


