गाजियाबाद

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक मंच पर विद्यार्थियों ने समझीं भविष्य की तकनीकें -कंप्यूटर अनुप्रयोग विद्यालय की पहल से बीसीए ऑनर्स के चयनित विद्यार्थियों को मिला विशेषज्ञों से सीखने का अवसर

गाजियाबाद। आधुनिक तकनीक के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों को रोजगारपरक और व्यावहारिक शिक्षा से जोडऩे के उद्देश्य से डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर अनुप्रयोग विद्यालय की ओर से वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत औद्योगिक एवं शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान बीसीए ऑनर्स के चयनित विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों, नवाचारों और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षाओं में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़ाकर तकनीकी जगत की वास्तविक जरूरतों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर अनुप्रयोग विद्यालय के निदेशक प्रो. (डॉ.) एसके राठी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में किया गया। भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल उद्योगों में किस प्रकार किया जा रहा है और आने वाले समय में इन क्षेत्रों में रोजगार तथा अनुसंधान की क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन के अंतर्गत विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई, आंकड़ा विज्ञान और रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। इन तकनीकों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, आंकड़ों के विश्लेषण, नई सामग्री तैयार करने और स्वचालित प्रणालियों के विकास में किया जा रहा है। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग समझने में मदद करते हैं। साथ ही, उन्हें यह जानने का अवसर मिलता है कि तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप अपनी दक्षताओं को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। भ्रमण में शामिल बीसीए ऑनर्स के चयनित विद्यार्थियों को तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नई तकनीकी पहलों से जुड़ी जानकारियों के माध्यम से अपना ज्ञान बढ़ाने का अवसर मिला। इस सहभागिता से विद्यार्थियों में तकनीकी समझ विकसित करने, नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने और अनुसंधान की संभावनाओं को जानने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों में भविष्य के करियर विकल्पों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया। तेजी से विकसित हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आंकड़ा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में उद्योगों से जुड़ा अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक हो सकता है। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) एसके राठी ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी चयनित विद्यार्थियों और कार्यक्रम के समन्वय में सहयोग करने वाले संकाय सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इस शैक्षणिक एवं औद्योगिक अनुभव का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विश्वविद्यालय की यह पहल उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार की सोच से सशक्त बनाना है। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर अनुप्रयोग विद्यालय की ओर से ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों और वैश्विक तकनीकी परिवेश के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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