गाजियाबाद

सरकारी स्कूल के नन्हे हाथों में तकनीक की उड़ान,-जिलाधिकारी ने किया पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन 7 विज्ञान 

गाजियाबाद। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्रयोग आधारित शिक्षा से जोडऩे की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, आईएएस ने मंगलवार को मधुबन बापूधाम स्थित अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय में रोबोटिक्स एवं एसटीईएम इनोवेशन लैब के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस पहल के साथ सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को छोटी उम्र से ही रोबोटिक्स, सेंसर, कोडिंग, डिजाइन और समस्या समाधान जैसी आधुनिक तकनीकों से जोडऩे का रास्ता खुल गया है। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में स्थापित लैब का उद्देश्य पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों को देखकर, प्रयोग करके और गलतियों से सीखते हुए समाधान खोजने का अवसर देना है। एसटीईएम यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की अवधारणाओं को गतिविधियों के माध्यम से समझाने पर जोर दिया जाएगा। इससे बच्चों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की क्षमता विकसित होगी। जिलाधिकारी के विजन के अनुरूप शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक को केवल एक विषय के रूप में पढऩे के बजाय उसे अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने के माध्यम के रूप में समझने का अवसर मिलेगा। बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के जरिए समस्या पहचानने, उसका समाधान सोचने और अपने विचारों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। परियोजना को दीर्घकालिक स्वरूप देने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, गाजियाबाद एवं सर्व हितम मानव सेवा संस्थान के मध्य अनुबंध भी किया गया है। परियोजना का क्रियान्वयन एवं संचालन संस्थान द्वारा सीएसआर सहयोग के माध्यम से किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार यह साझेदारी सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय की आईसीटी लैब का निरीक्षण किया, जहां बच्चे कंप्यूटर पर रुचिपूर्वक कार्य करते मिले। इसके बाद उन्होंने स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और शिक्षक द्वारा गणित की तकनीक के माध्यम से कराई जा रही पढ़ाई को देखा। जिलाधिकारी ने शिक्षक के प्रयास की सराहना की। उन्होंने विद्यालय की गतिविधियों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव, प्रधानाध्यापक इंतजार अली, एसआरजी पूनम शर्मा, एआरपी मीनाक्षी यादव सहित विद्यालय स्टाफ से बातचीत की और सभी के साथ समूह फोटो भी कराई। विद्यालय की रसोईया ने सरकार द्वारा प्रतिमाह मानदेय बढ़ाए जाने पर जिलाधिकारी का आभार जताया। वहीं विद्यार्थियों द्वारा हाथ से बनाए गए ग्रीटिंग कार्ड और रंगोली देखकर जिलाधिकारी ने बच्चों को बधाई दी और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। जिला प्रशासन की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में परिकल्पित अनुभवात्मक, कौशल आधारित और नवाचार केंद्रित शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आधुनिक तकनीक तक पहुंच केवल चुनिंदा विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले प्रत्येक जिज्ञासु बच्चे को प्रयोग और नवाचार का अवसर मिले। अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय में शुरू हुई यह लैब आने वाले समय में 100 से अधिक विद्यालयों तक पहुंचने की दिशा में पहला कदम है। लैब के उद्घाटन पर विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों, स्टाफ, सभासद, एसआरजी, एआरपी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और अभिभावकों ने उत्तर प्रदेश में पहली रोबोटिक लैब शुरू किए जाने पर जिलाधिकारी का आभार जताया। उनका कहना था कि यह पहल सरकारी स्कूलों के बच्चों को तकनीक की दुनिया से जोड़कर उनके सपनों को नई उड़ान देने का काम करेगी।

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