गाजियाबाद

नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा: आईटीएस में उद्यमिता का मंत्र

गाजियाबाद। आईटीएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में 9 अक्टूबर को स्टार्टअप चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से ‘नवाचार से उद्यमिता’ विषय पर विशेष नेतृत्व व्याख्यान ‘इग्नाइट-2026’ का आयोजन किया गया। द्रोणाचार्य सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रबंधन पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को नए विचारों को सफल कारोबार में बदलने, स्टार्टअप शुरू करने और रोजगार सृजन की संभावनाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उद्यमशील सोच विकसित करने और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्टार्टअप चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. शंकर गोयनका, उपाध्यक्ष सीए सुनील गर्ग, कारोबार मार्गदर्शक सीए नितिन मित्तल, स्टार्टअप मार्गदर्शक सीए सुनील गुप्ता, अधिवक्ता अंकित गर्ग और सुश्री गीता गांधी ने सहभागिता की। आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष अर्पित चड्ढा ने विद्यार्थियों को अपने नए विचार सामने लाने, अनुभवी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों से ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने का आह्वान किया। डॉ. शंकर गोयनका ने कहा कि केवल विचार होने से कोई स्टार्टअप सफल नहीं बनता। उसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन, संवाद कौशल, दृढ़ संकल्प, पहल करने की क्षमता और स्पष्ट लक्ष्य भी जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सफल उद्यम स्थापित करने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए। सीए सुनील गर्ग ने उदाहरणों और अध्ययन-प्रसंगों के माध्यम से स्टार्टअप की भूमिका समझाई। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, महिला उद्यमिता और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नए उद्यम विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सीए नितिन मित्तल ने निजी सीमित कंपनी स्थापित करने की प्रक्रिया, कानूनी अनुपालन, निवेश व्यवस्था और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी। उन्होंने स्टार्टअप पंजीकरण, बौद्धिक संपदा अधिकार, व्यापार चिह्न संरक्षण, कर संबंधी लाभ और संपर्क विस्तार के अवसरों के बारे में भी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को कारोबार शुरू करने से पहले अपने विचार पर शोध करने और उसकी व्यावहारिक संभावनाओं का आकलन करने की सलाह दी। सुश्री गीता गांधी ने युवा उद्यमियों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढऩे के लिए मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहकर रोजगार सृजित करने की दिशा में भी सोचना चाहिए। नए विचारों को व्यावहारिक कार्ययोजना में बदलकर सफल उद्यम स्थापित करना देश की उद्यमशीलता को मजबूत कर सकता है। ‘इग्नाइट-2026Ó ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के अवसरों को समझने और अपने भविष्य के लिए नए रास्ते तलाशने की प्रेरणा दी।

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