विवेचना में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, शोधपरक सोच और नवाचार का दम, विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग में मेधावियों ने मारी बाजी

गाजियाबाद। विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने, उनकी रचनात्मक सोच को नई दिशा प्रदान करने और शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरकेजीआईटी) में मंगलवार को ‘विवेचना’ इंटरैक्टिव स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस-2026 के अंतर्गत अंतरविद्यालयीय शोध-पत्र प्रस्तुति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं और 12वीं के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्गों के विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर अपनी तार्किक क्षमता, ज्ञान और विचारों की स्पष्टता का परिचय दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन, शोधपरक दृष्टिकोण और प्रभावी संवाद कौशल को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तकनीक, कारोबार, सामाजिक बदलाव, पर्यावरण और संस्कृति जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अलग-अलग विद्यालयों से आए विद्यार्थियों को एक-दूसरे के विचारों को समझने, नए दृष्टिकोण जानने और अपने ज्ञान को व्यापक बनाने का अवसर मिला। विज्ञान वर्ग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गेमिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, दैनिक जीवन में मशीन लर्निंग, जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भाषा मॉडल तथा एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसे विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं। वाणिज्य वर्ग में भारत के स्टार्टअप परिवेश, सफल ब्रांडों की विपणन रणनीतियों, ई-कॉमर्स कारोबार, भारतीय बैंकिंग प्रणाली और महिला उद्यमिता जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। वहीं, कला वर्ग में सतत जीवनशैली, सामाजिक व्यवहार में कला की भूमिका, कला और साहित्य के माध्यम से जलवायु परिवर्तन, सोशल मीडिया के दौर में कहानी कहने की कला, सामाजिक जीवन पर सोशल मीडिया के प्रभाव तथा शहरीकरण से बदलती सांस्कृतिक पहचान जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
आरकेजीआईटी के वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल ने कहा कि ‘विवेचना’ जैसे मंच विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य के लिए व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। युवाओं को सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। ग्रुप एडवाइजर लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों में उत्साह, जिज्ञासा और सीखने की ललक देखकर प्रसन्नता होती है। इस तरह के आयोजन विचारों के आदान-प्रदान, नए दृष्टिकोण विकसित करने और अपने ज्ञान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गतिविधियां भविष्य के जिम्मेदार, जागरूक और सक्षम नेतृत्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. बीसी शर्मा ने कहा कि ‘विवेचना’ कक्षा-कक्ष की सीमाओं से आगे बढ़कर सीखने, संवाद करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी से कार्यक्रम में उत्साह और विचारों की विविधता देखने को मिली। संस्थान विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतियोगिता के परिणामों में विज्ञान वर्ग में केजीडीएसवीएम, गाजियाबाद की अंशिका वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीपीएम इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, मोदीनगर की माही त्यागी द्वितीय और दयावती मोदी पब्लिक स्कूल, मोदीनगर के दिव्यांश शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। वाणिज्य वर्ग में महर्षि दयानंद विद्यापीठ की माही सेठी ने प्रथम स्थान हासिल किया। आरकेजी ग्लोबल स्कूल की शिवांगी वर्मा द्वितीय और श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय की अनायसा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। कला वर्ग में सुरविन इंटरनेशनल स्कूल के लक्ष्य यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीएफपीएस, संजयनगर की हर्षिता शर्मा द्वितीय और एकलव्य पब्लिक स्कूल, मोदीनगर की कशिश शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। तीनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पाने वालों को 5,100 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 2,100 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई थी। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही नए विचारों से परिचित होने और विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। ‘विवेचना-2026’ के माध्यम से आरकेजीआईटी ने नवाचार, ज्ञान-विस्तार, रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने की दिशा में अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया।


