पुलिस अभियान का असर बेअसर, सड़कों पर मौत का सफर करा रहे ओवरलोड ऑटो

गाजियाबाद। शहर में ओवरलोड ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा का संचालन थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिन पहले ही यातायात पुलिस ने तिपहिया वाहनों में आगे अतिरिक्त सीट लगाकर सवारियां बैठाने वाले चालकों के खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन इसका असर सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहा है। चालक बेखौफ होकर क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बैठाकर वाहन दौड़ा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विजयनगर थाने से लेकर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय और यातायात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी वाले प्रमुख चौराहों तक नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर हो रही इस मनमानी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों पर पड़ताल के दौरान ओवरलोड तिपहिया वाहनों की तस्वीर सामने आई। विजयनगर बाईपास से एनएच-9 की ओर जाने वाले मार्ग पर ऑटो चालकों की मनमानी साफ दिखाई दी। यहां एक ऑटो में तीन की क्षमता के मुकाबले आठ सवारियां बैठी हुई थीं। अतिरिक्त सवारियों के कारण यात्रियों को असुविधा के साथ हादसे का खतरा भी बना हुआ था। इसके बावजूद चालक तेजी से वाहन दौड़ाते नजर आए। अधिक कमाई के लालच में यात्रियों की सुरक्षा को दरकिनार किया जा रहा है।
तिपहिया चालकों की मनमानी का आलम यह है कि विजयनगर थाने के सामने से भी ओवरलोड वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं। कई सवारियां बैठाकर निकल रहे चालकों को पुलिस कार्रवाई का कोई डर दिखाई नहीं देता। हापुड़ रोड स्थित पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के सामने भी ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर पुराने बस अड्डे और हापुड़ चुंगी की ओर ले जाई जा रही हैं। पुराना बस अड्डा चौराहे पर तो अधिक सवारियां बैठाने की होड़ में यातायात नियमों की अनदेखी आम बात बन गई है। यातायात कर्मियों के सामने से भी ओवरलोड वाहन निकलते रहते हैं।
ओवरलोड तिपहिया वाहनों के कारण यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले अभियान चलने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने से यातायात पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। एडीसीपी ट्रैफिक वरुण कुमार सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर चलने वाले तिपहिया चालकों के खिलाफ पूर्व में अभियान चलाया गया था। नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ जल्द दोबारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।


