जमानत मिलते ही ईडी की गिरफ्त में आए आजम खान, 14 दिन के लिए डासना जेल भेजे

गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए अदालत लेकर पहुंची। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। रविवार को अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया। अब ईडी जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ करेगी।
ईडी की कानूनी टीम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए अदालत से आजम खान की 14 दिन की रिमांड मांगी थी। आजम खान को रिमांड मजिस्ट्रेट के बजाय विशेष अदालत में पेश किया गया। उनके अधिवक्ताओं ने ईडी की कार्रवाई और रिमांड अर्जी का विरोध किया। हालांकि अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजने का आदेश दिया। आजम खान के अधिवक्ता महेश यादव ने कहा कि उन्होंने पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध किया था। मामला वर्ष 2019 का है और अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजा है। पेशी के लिए कोर्ट परिसर पहुंचे आजम खान से जब मीडिया ने सवाल किया कि क्या वह आज कुछ बोलेंगे, तो उन्होंने निराशा और तंज भरे लहजे में कहा, ‘क्या है बोलने के लिए।Ó उनका यह जवाब चर्चा का विषय बन गया। इस दौरान उनके चेहरे और आवाज में थकान और निराशा दिखाई दी। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें लेकर डासना जेल के लिए रवाना हो गई। ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण, जमीन की खरीद और उसमें इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत को लेकर मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस परियोजना में करोड़ों रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। इसी मामले में ईडी ने गाजियाबाद की अदालत से वारंट हासिल कर आजम खान को हिरासत में लिया था। उधर, डासना जेल प्रशासन ने भी उनके पहुंचने से पहले सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के अनुसार, अदालत के आदेश पर पहली बार जेल आने वाले प्रत्येक बंदी को नियमानुसार पहले सामान्य बैरक आवंटित की जाती है। यह प्रक्रिया सभी बंदियों के लिए समान है।


