खाद्य प्रतिष्ठानों पर नजर सख्त, शिकायत के लिए टोलफ्री नंबर जारी, जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में अहम फैसले

गाजियाबाद। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दवाओं की बिक्री में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देशन में मंगलवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। बैठक में खाद्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण, खाद्य पदार्थों की जांच और अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट मिलने में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-द्वितीय सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि वर्तमान में जनपद के लिए निर्धारित प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों की विश्लेषण रिपोर्ट समय से प्राप्त हो रही है। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने विभाग द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कार्रवाई की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा सके। बैठक में आमजन और उपभोक्ताओं को खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए टोलफ्री नंबर 1800-180-5533 और क्यूआर कोड की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता अथवा खाद्य प्रतिष्ठान से संबंधित शिकायत इस माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन की ओर से उपभोक्ताओं से निर्धारित माध्यम का इस्तेमाल करने की अपील की गई। सहायक आयुक्त खाद्य ने खाद्य लाइसेंस के आवेदन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि कई बार खाद्य कारोबारकर्ता के स्थान पर इंटरनेट कैफे संचालक या सेवा प्रदाता का मोबाइल नंबर और ई-मेल दर्ज कर दिया जाता है। इससे विभाग की ओर से भेजी जाने वाली महत्वपूर्ण सूचनाएं वास्तविक कारोबारी तक समय से नहीं पहुंच पाती हैं। इसके अलावा किराया अनुबंध कम स्टाम्प शुल्क के साथ प्रस्तुत किए जाने का मामला भी सामने आया। व्यापार मंडल प्रतिनिधियों ने व्यापारियों के बीच इन नियमों का प्रचार-प्रसार करने का आश्वासन दिया। बैठक में ड्रग मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जनपद में संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों की जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया। साथ ही पंजीकृत दवा विक्रेताओं द्वारा ऐसे अवैध मेडिकल स्टोरों को दवाओं की बिक्री नहीं करने की बात कही गई। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने औषधि निरीक्षकों को अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने कहा कि खाद्य सुरक्षा आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण चुनौती है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विपणन, पैकेजिंग और बिक्री के स्तर पर सभी संबंधित पक्षों को सतर्क और सचेत रहना होगा। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश कुमार मिश्र, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय, औषधि निरीक्षक रुद्रेश त्रिपाठी, बृजेश कुमार मौर्य समेत खाद्य सुरक्षा अधिकारी और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


