सीटी-पीटी यूनिट बनी मौत का कारण, निर्माण खामी पर उठे सवाल
गाजियाबाद। दौलतपुरा स्थित यूपी सेरेमिक एंड पाटरीज में ट्रांसफार्मर बदलने के दौरान सीटी-पीटी यूनिट फटने से पांच कामगारों के झुलसने और एक की मौत के मामले में विद्युत निगम ने जांच तेज कर दी है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर सीटी में निर्माण संबंधी खामी सामने आई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है।
अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें अधिशासी अभियंता ऐश्वर्य सिंह और उपखंड अधिकारी मनीष कुमार को शामिल किया गया है। समिति को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच समिति घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही हादसे के समय अपनाई गई कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की पड़ताल करेगी। संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा फटी सीटी-पीटी यूनिट की स्थिति, उसके रखरखाव और समय-समय पर कराए गए परीक्षण से जुड़े अभिलेखों की भी जांच होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि हादसे के समय यूनिट पर किस प्रकार का कार्य किया जा रहा था और कार्य अनुमति, शटडाउन तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। विद्युत निगम अधिकारियों के मुताबिक हादसे में फटी सीटी वर्ष 2025 में निर्मित हुई थी और इसका निर्माण सासा स्विचगियर्स ने किया था। ऐसे में जांच समिति निर्माण संबंधी खामी की प्रकृति और हादसे में उसकी भूमिका को भी स्पष्ट करेगी। बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे भाटिया मोड़ स्थित प्रतिष्ठान में ट्रांसफार्मर बदलने का काम चल रहा था। इसी दौरान सीटी-पीटी यूनिट अचानक फट गई। यूनिट में मौजूद गर्म तेल आसपास काम कर रहे कामगारों पर गिरने से पांच लोग झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे नियाबुल की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


