रामलीला में गूंजा धर्म और मर्यादा का संदेश, अंगद-रावण संवाद ने दिखाया सत्य और साहस का बल

गाजियाबाद। घंटाघर स्थित श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी की रामलीला में रविवार को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया। विभीषण शरणागति, रामेश्वरम स्थापना, गोवर्धन लीला, अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और संवादों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मंचन में दिखाया गया कि रावण के अनुचित कार्यों का विरोध करने पर विभीषण को लंका छोडऩी पड़ी। इसके बाद वह भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचे। भगवान श्रीराम ने विभीषण को अपनाकर शरणागत की रक्षा और धर्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। इस प्रसंग ने दर्शकों को प्रेरित किया कि सत्य और धर्म का साथ देने वाले व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए। इसके बाद रामेश्वरम स्थापना की लीला प्रस्तुत की गई। समुद्र तट पर भगवान श्रीराम द्वारा भगवान शिव की पूजा-अर्चना के प्रसंग ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था से जुड़े इस दृश्य का आनंद लिया। अंगद-रावण संवाद रामलीला का प्रमुख आकर्षण रहा। भगवान श्रीराम के दूत बनकर अंगद रावण की सभा में पहुंचे और माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाकर युद्ध टालने की सलाह दी। हालांकि, अहंकार में डूबे रावण ने उनकी बात नहीं मानी। अंगद के दृढ़ विश्वास और रावण के अहंकार के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को सत्य, साहस और मर्यादा की शक्ति का संदेश दिया। लक्ष्मण शक्ति लीला के दौरान मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने का मार्मिक दृश्य दिखाया गया। अपने अनुज की स्थिति देखकर भगवान श्रीराम की व्याकुलता ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने और लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करने के प्रसंग का प्रभावशाली मंचन हुआ। इस दृश्य ने सेवा, समर्पण, भाईचारे और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। गोवर्धन लीला के मंचन ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में कमेटी अध्यक्ष अजय बंसल, नरेश अग्रवाल, सुधीर गोयल मोनू, वीरेंद्र कुमार वीरो, उस्ताद अशोक गोयल, अनिल चौधरी, प्रदीप मित्तल, रविंद्र मित्तल, सुनील कुमार सीलो, श्रवण गर्ग, रामेश्वर, गगन सैनी, मोहित मित्तल, देवेंद्र मित्तल, प्रेम प्रकाश शर्मा, दिनेश अग्रवाल, नंद किशोर शर्मा नंदू, मनीष सैनी, अतुल गुप्ता, विजय गोयल, अशोक शर्मा, राघवेंद्र शर्मा, गुलशन सूर्यवंशी, सुनील गर्ग, विभोर गोयल, आनंद गर्ग, नितिन मित्तल, विनय सिंघल, ज्ञान प्रकाश गोयल, सुभाष बजरंगी, रविंद्र मित्तल और पार्षद नीरज गोयल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


