दिवाली की मिठास में घुला गंदगी और कीड़ों का जहर

गाजियाबाद। दिवाली नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढऩे लगी है, लेकिन त्योहार की मिठास के बीच लोगों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में शहर के दो नामी मिठाई विक्रेताओं बीकाराम चांदमल और शुभमन स्वीट्स के कारखानों में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। कहीं रसगुल्लों में कीड़े मिले तो कहीं तैयार मिठाइयां गंदगी के पास रखी मिलीं। दोनों कारखानों से खाद्य पदार्थों के कुल 10 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि दोनों कारखानों में मिठाई तैयार करने और उन्हें सुरक्षित रखने की स्थिति बेहद खराब मिली। सहायक आयुक्त खाद्य सुरेंद्र मिश्र के मुताबिक, आरडीसी में बीकाराम चांदमल नाम से मिठाई की दुकान है, जबकि रईसपुर में बीसी फूड के नाम से इसका कारखाना संचालित है। सोमवार को सूचना के आधार पर यहां छापा मारा गया। जांच के दौरान दिवाली पर बिक्री के लिए तैयार किए जा रहे रसगुल्लों में भारी मात्रा में कीड़े मिले। इसके बाद करीब 400 किलो रसगुल्ले नष्ट करा दिए गए। कारखाने में मिठाई तैयार करने वाले स्थान पर कॉकरोच घूमते मिले। खाद्य पदार्थ रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डीप फ्रीजर में भी कॉकरोच और अन्य कीड़े पाए गए। जांच में मिठाई बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा सोडियम बाईकार्बोनेट भी खाद्य श्रेणी का नहीं मिला। मावे में मिलावट की आशंका के चलते छेना मिठाई, बूंदी के लड्डू, रंगीन मावा, समोसा मसाला, लाल मिर्च पाउडर और सोडियम बाईकार्बोनेट के छह नमूने लिए गए हैं। वहीं, साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र के झंडापुर स्थित शुभमन स्वीट्स के कारखाने में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को गंदगी और लापरवाही मिली। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि कारखाने में तैयार मिठाइयां गंदगी के पास रखी हुई थीं। फर्श पर कॉकरोच घूम रहे थे। टीम ने यहां से खोये के दो, काजू गुलाब मिठाई का एक और बेसन का एक नमूना लिया। दोनों कारखानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। विभाग का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार होने तक कारखानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।


