शिक्षा

सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या-रोकथाम दिशानिर्देशों का कार्यान्वयन

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे अगले आठ सप्ताह (8 weeks) के भीतर यह रिपोर्ट दें कि उन्होंने छात्र मानसिक स्वास्थ्य (Student Mental Health) और आत्महत्या-रोकथाम (Suicide-Prevention) के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों को किस हद तक लागू किया है। यह निर्देश इस बात पर ज़ोर देता है कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं। सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त समयबद्ध निर्देश दर्शाता है कि वह इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे पर किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और त्वरित कार्रवाई चाहता है।

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