रामलीला समितियों को महापौर की बड़ी राहत, बुकिंग शुल्क में मिली 80 प्रतिशत छूट

गाजियाबाद। शहर की रामलीला समितियों को बड़ी राहत देते हुए महापौर सुनीता दयाल ने रामलीला मैदानों की बुकिंग में 80 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में संपत्ति एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत आने वाले रामलीला मैदानों में दशहरा से पूर्व हर वर्ष रामलीला का मंचन किया जाता है। धार्मिक आयोजन होने के कारण समितियों की ओर से लंबे समय से बुकिंग शुल्क में छूट की मांग की जा रही थी। इसी संबंध में गुरुवार को महापौर सुनीता दयाल ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। बैठक में सभी ने रामलीला समितियों को राहत देने के निर्णय की सराहना की। नगर आयुक्त ने भी इस निर्णय पर सहमति जताई। महापौर की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सभी निर्विवाद और पंजीकृत रामलीला समितियों को पूर्व निर्धारित स्थानों पर रामलीला मैदान आरक्षित कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित दरों पर 80 प्रतिशत छूट दी जाएगी। समितियों को नगर निगम के नियमों और शर्तों का पालन करते हुए आयोजन की अनुमति प्रदान की जाएगी। महापौर ने कहा कि शहर के विभिन्न स्थानों पर रामलीला समितियों द्वारा धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। नगर निगम की ओर से मैदानों के शुल्क की पर्ची काटी जाती है, जिसके कारण समितियों पर आर्थिक भार पड़ता है। समितियों की मांग को देखते हुए नगर आयुक्त, पार्षदों और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। इससे रामलीला समितियों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे नगर निगम के सहयोग से आयोजन को और बेहतर ढंग से कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नगर निगम का प्रयास रहेगा कि सभी पात्र समितियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए और शहर में रामलीलाओं का मंचन श्रद्धा, भव्यता और व्यवस्थित तरीके से हो। बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनेंद्र सिंह, पार्षद उदित मोहन, अजय शर्मा, नरेश जाटव, देवनारायण शर्मा, ओमप्रकाश ओड़, पवन गौतम, नितिन कुमार, रेखा गोस्वामी, सुमनलता पाल, मुख्य अभियंता एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



