गाजियाबाद

जाम से राहत और बेहतर सुविधाओं की राह खुली, 66.73 करोड़ के विकास कार्यों पर मुहर 

गाजियाबाद। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, जाम से राहत दिलाने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नगरीय अवस्थापना निधि से बड़े विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण सभागार में 24 सितंबर को मंडलायुक्त मेरठ एवं जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई नगरीय अवस्थापना निधि समिति की बैठक में 66.73 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। बैठक में शहर की वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य में बढऩे वाले यातायात और नागरिक सुविधाओं के दबाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत वित्तीय विवरण के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक नगरीय अवस्थापना निधि खाते में 272.53 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 की संभावित आय को शामिल करने पर 31 मार्च 2027 तक करीब 322.53 करोड़ रुपये उपलब्ध होने का अनुमान है। पूर्व स्वीकृत और अनुबंधित कार्यों की देनदारियों को ध्यान में रखते हुए नए विकास कार्यों के लिए निधि की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। जीटी रोड पर घंटाघर रामलीला मैदान के सामने से चौधरी मोड़, भाटिया मोड़ होते हुए आधार सेवा केंद्र तक करीब दो किलोमीटर लंबा चार लेन एलिवेटेड रोड बनाने के प्रस्ताव पर विशेष चर्चा हुई। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 200.23 करोड़ रुपये है। इसके लिए नगरीय अवस्थापना निधि से 50.23 करोड़ रुपये की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा करीब 100 करोड़ रुपये के ऋण की व्यवस्था का प्रस्ताव है। एलिवेटेड रोड बनने से घंटाघर, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, डी-मार्ट, आप्युलेंट मॉल, एसडीएम कोर्ट और एमएमएच कॉलेज के आसपास यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे वाहनों की आवाजाही सुगम होने, यात्रा समय और ईंधन की बचत के साथ वायु प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिल सकती है। दस्तावेज में इसे हरित परिवहन गलियारे की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में रेखांकित किया गया है।
नए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और एलटीएच क्रॉसिंग के बीच स्थित रेलवे समपार ‘बीच वाला फाटक’ एलसी-3सी को बंद कर उसके स्थान पर अंडरपास बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। ट्रैफिक सर्वे में इस स्थान पर करीब 22,993 वाहनों का यातायात दबाव दर्ज किया गया है। रेलवे विभाग के आगणन के सापेक्ष जीडीए की 12 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को समिति ने अनुमोदित किया। अंडरपास बनने से राजनगर, लोहिया नगर औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जीडीए क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के पार्कों और समूह आवासों में करीब 30 स्थानों पर ओपन जिम स्थापित करने के लिए 4.50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इनसे बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को घर के आसपास नि:शुल्क व्यायाम की सुविधा मिल सकेगी। मधुबन-बापूधाम योजना में निर्माणाधीन बुनकर मार्ट परियोजना की शेष 60 करोड़ रुपये की धनराशि अब नगरीय अवस्थापना निधि के बजाय योजना मद से खर्च किए जाने को मंजूरी दी गई। इससे अवस्थापना निधि पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा और उपलब्ध धनराशि का इस्तेमाल शहर की अन्य जरूरी परियोजनाओं में किया जा सकेगा। वहीं बुनकर मार्ट परियोजना के कार्य योजना मद से आगे बढ़ाए जा सकेंगे। समिति के इन निर्णयों से शहर में यातायात सुगमता, सड़क सुरक्षा, हरित परिवहन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। जीडीए के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य गाजियाबाद को अधिक सुगम, सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में विकास कार्यों को गति देना है।

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