हरनन्दीपुरम से क्रिकेट स्टेडियम तक, गाजियाबाद के विकास को नई रफ्तार

-174वीं बोर्ड बैठक में आवास, टाउनशिप, औद्योगिक विकास और खेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी
– 501.21 हेक्टेयर में विकसित होगी हरनन्दीपुरम आवासीय योजना
गाजियाबाद। गाजियाबाद के सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गुरुवार को जीडीए की 174वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से मुहर लग गई। आयुक्त मेरठ मंडल एवं जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवासीय योजनाओं, बड़ी टाउनशिप, भू-उपयोग परिवर्तन, औद्योगिक विकास, प्राधिकरण की संपत्तियों के बेहतर उपयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीना, जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित बोर्ड के अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के तहत उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के स्वामित्व वाली भूमि को भूमि पूलिंग के माध्यम से प्राप्त करने तथा स्टेडियम निर्माण के लिए मसौदा समझौता ज्ञापन और व्यवहार्यता रिपोर्ट से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। स्टेडियम बनने से खेल सुविधाओं के साथ शहर में बड़े खेल आयोजनों, होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां बढऩे की संभावना है। बोर्ड बैठक में जीडीए की प्रस्तावित हरनन्दीपुरम आवासीय योजना को भी महत्वपूर्ण स्वीकृति मिली। योजना का कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल 501.2173 हेक्टेयर है। प्रथम चरण में भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा में अधिग्रहीत भूमि के एक हिस्से के भू-उपयोग को कृषि से आवासीय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। योजना में आवासीय क्षेत्र के साथ वाणिज्यिक, सामुदायिक सुविधाओं, हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र और यातायात के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। इंदिरापुरम में शक्तिखंड-4 के 5,965.29 वर्गमीटर भूखंड के भू-उपयोग को होटल से आवासीय में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वहीं कोयल एन्क्लेव में ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को प्लॉटेड डेवलपमेंट में बदलने तथा इंद्रप्रस्थ योजना में ग्रुप हाउसिंग के स्थान पर प्लॉटेड डेवलपमेंट की अनुमति से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिली। वेव सिटी में भी स्वीकृत तलपट मानचित्र से जुड़े भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव पर बोर्ड ने सहमति जताई। इसके अलावा सनसिटी टाउनशिप के संशोधित 2,420.11 एकड़ क्षेत्रफल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के प्रथम चरण में 589.02 एकड़ के तलपट मानचित्र को मंजूरी दी गई। शाहपुर बम्हैटा स्थित सनराइज ग्रीन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की संशोधित लगभग 252.32 एकड़ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को भी स्वीकृति मिली। हसनपुर लोढ़ा में 13.1568 हेक्टेयर भूमि को कृषि से औद्योगिक भू-उपयोग में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के लिए आधार तैयार होने की उम्मीद है। वहीं मधुबन-बापूधाम में निर्माणाधीन 198 दो-बीएचके आवासीय भवनों का मूल्यांकन कर ‘जैसा है, जहां हैÓ के आधार पर ई-नीलामी किए जाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की। 174वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से आवासीय विस्तार, टाउनशिप विकास, औद्योगिक गतिविधियों, खेल सुविधाओं और उपलब्ध भूमि के बेहतर नियोजन को गति मिलने का आधार तैयार हुआ है। बोर्ड की ओर से विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दिए जाने से जीडीए की आगामी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

