बिजली कनेक्शन के लिए महिला आवेदक को एक माह से दौड़ाने का आरोप, ऊर्जा मंत्री और उच्च अधिकारियों से लगाई गुहार
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित विद्युत वितरण कार्यालय के अंतर्गत ग्राम मोरटी की गली नंबर-4 में घरेलू बिजली कनेक्शन को लेकर एक महिला आवेदक ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला आवेदक वर्षा का कहना है कि वह जून 2026 से तीन किलोवाट के घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिल सका है। उनका आरोप है कि उनके मकान के आसपास बिजली के कनेक्शन संचालित होने के बावजूद उनसे 32,175 रुपये का आपूर्ति सुविधा शुल्क जमा कराने का अनुमान थमा दिया गया।
महिला आवेदक के अनुसार उनके मकान से करीब 14 फीट की दूरी पर तथा सामने वाले मकान में घरेलू बिजली कनेक्शन पहले से संचालित हैं। गली में करीब 15 सक्रिय विद्युत कनेक्शन भी हैं। उनका कहना है कि चालू विद्युत पोल करीब 40 मीटर की दूरी पर है और दोनों ओर 100 मीटर के दायरे में ट्रांसफार्मर भी लगे हुए हैं। इसके बावजूद स्थानीय विद्युत कार्यालय की ओर से आपूर्ति सुविधा शुल्क का अनुमान लगाया गया।
आवेदक का यह भी दावा है कि इसी तरह की परिस्थितियों वाले अटौर रोड स्थित पीर के पास क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर की दूरी पर तीन किलोवाट का घरेलू कनेक्शन बिना आधारभूत ढांचा शुल्क के जारी किया गया है। इसी आधार पर उन्होंने अपने मामले में लगाए गए शुल्क की जांच और अनुमान को संशोधित करने की मांग की है। महिला आवेदक का आरोप है कि मामले की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने मामले को गंभीरता से सुलझाने के बजाय उनके साथ और अधिक परेशानी पैदा की। उनका आरोप है कि उन्हें यह कहा गया कि समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित कराने और शिकायत करने के कारण अब उन्हें पूरा शुल्क देना ही होगा। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी पूर्व शिकायत संख्या 40014026048421 को 24 जुलाई 2026 को जनसुनवाई पोर्टल पर उनकी सहमति के बिना संतुष्ट दिखाकर बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने तीन अगस्त को दोबारा शिकायत संख्या 40014026054124 दर्ज कराई, जो उनके अनुसार अभी लंबित है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला आवेदक ने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में दर्ज मामले पीएडब्ल्यू026070700012 और राज्य स्तरीय 1912 हेल्पलाइन पर भी कार्रवाई नहीं होने की बात कही है। इसके बाद 11 अगस्त 2026 को उन्होंने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को ई-मेल भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। महिला आवेदक ने अपने पत्र में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कनेक्शन के लिए लगाए गए अनुमान की दोबारा जांच कराने, शुल्क संशोधित करने और शिकायत को कथित रूप से गलत तरीके से बंद करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। मामले में विद्युत विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



