टीबी के खिलाफ विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स ने लिया स्वस्थ समाज का संकल्प-युवाओं से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान

गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में मंगलवार को 37वीं उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी एवं एमएमजी अस्पताल के सहयोग से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स को क्षय रोग के लक्षण, संक्रमण के कारण, बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान एमएमजी अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स को क्षय रोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते चिकित्सकीय परामर्श और जांच कराने से बीमारी की पहचान संभव है और उचित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि क्षय रोग रोकथाम और उपचार योग्य बीमारी है। इसके प्रसार को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को समझाया गया कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए और यदि उपचार शुरू हो जाए तो उसे निर्धारित अवधि तक पूरा करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेकर क्षय रोग के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संस्थान के निदेशक डॉ. बी.सी. शर्मा ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी और एनसीसी कैडेट्स स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच और पूर्ण उपचार के माध्यम से क्षय रोग के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है।
इस अवसर पर डीन छात्र कल्याण एच.जी. गर्ग, फार्मेसी विभाग की प्राचार्य डॉ. मोनिका सचदेवा, एसएसी अध्यक्ष आलोक त्यागी, एनसीसी के मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी विकास त्यागी एवं एनसीसी समन्वयक प्रिया शर्मा सहित संस्थान के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों और कैडेट्स को टीबी मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स ने क्षय रोग के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।



