स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में दिखा आरकेजीआईटीएम के छात्रों का नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता

गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आरकेजीआईटीएम) में बुधवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2026 के लिए आंतरिक हैकाथॉन का सफल आयोजन किया गया। संस्थान परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार, तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की दिशा में कार्य करने का अवसर उपलब्ध कराना रहा। हैकाथॉन के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और नए विचारों को प्रस्तुत करते हुए व्यावहारिक समाधान विकसित करने की दिशा में प्रयास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश गोयल, डीन-एकेडमिक्स डॉ. मनोरमा शर्मा, डॉ. आभा वत्स एवं ज्यूरी सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने उन्हें तकनीक का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए समाज और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए करने के लिए प्रेरित किया। आंतरिक हैकाथॉन में विद्यार्थियों की कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विभिन्न टीमों ने अपने-अपने विषयों और समस्याओं को समझते हुए उनके तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपनी परियोजनाओं के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मक सोच और नवाचार को जोड़कर वास्तविक समस्याओं के प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ज्यूरी सदस्यों ने छात्र टीमों के विचारों, तकनीकी दृष्टिकोण, समस्या की समझ और प्रस्तावित समाधानों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट पर काम करते हुए टीमवर्क, समय प्रबंधन, प्रस्तुतीकरण और तकनीकी कौशल का अनुभव भी प्राप्त हुआ। आंतरिक स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को आगे होने वाले स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करती है। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश गोयल ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच, तकनीकी ज्ञान और नवाचार को वास्तविक समस्याओं के समाधान में परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में केवल तकनीकी दक्षता ही विकसित नहीं होती, बल्कि उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी नए प्रयोग और नवाचार के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का आयोजन खुशबु पाण्डे द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागी टीमों, ज्यूरी सदस्यों, संकाय सदस्यों और स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संस्थान प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि आरकेजीआईटीएम में इस प्रकार के नवाचार आधारित आयोजनों को लगातार प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, ताकि विद्यार्थी तकनीकी ज्ञान को समाजोपयोगी और व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए तैयार हो सकें।




