आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भागीरथ सेवा संस्थान की सहभागिता

नशामुक्ति की राह छोड़ मुख्य ज़िन्दगी की राह पर आगे बढ़ चुके लोगों ने लिया संकल्प, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिलाई सामूहिक शपथ
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नशामुक्ति एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रहे सामाजिक संगठनों, नशामुक्ति केंद्रों के कार्यकर्ताओं तथा नशे की लत से उबरकर सामान्य जीवन की ओर लौट चुके लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में भागीरथ सेवा संस्थान की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही। संस्थान द्वारा संचालित कैमकुस नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ केंद्र से उपचार एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी कर चुके पूर्व नशा-आश्रित व्यक्ति भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इन लोगों ने अपने अनुभवों के माध्यम से यह संदेश दिया कि उचित उपचार, निरंतर काउंसलिंग, परिवार के सहयोग और पुनर्वास की प्रक्रिया के जरिए नशे की समस्या से बाहर निकलकर सम्मानजनक और सामान्य जीवन की ओर वापस लौटा जा सकता है।
कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर नशे की लत से उबर चुके लोगों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया गया।मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य नशे की लत से उबर चुके लोगों की संघर्ष और पुनर्वास की यात्रा को सामने लाना तथा समाज में यह संदेश मजबूत करना था कि निरंतर देखभाल, उपचार और सामूहिक सहयोग के माध्यम से नशे की समस्या से उबरना संभव है।
इस भव्य आयोजन पर भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ सुकुल ने कहा कि, “नशामुक्ति केवल नशे से छुटकारा पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को दोबारा परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैमकुस नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र इसी उद्देश्य के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम पुनर्वासित लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज को नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
इस ख़ास अवसर पर संस्थान द्वारा मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और मंत्रालय के मादक पदार्थ निवारण प्रभाग के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़ को नशामुक्त भारत अभियान पर आधारित डायरी भी भेंट की गयी, जिसमें अभियान के तहत गाज़ियाबाद में हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा दर्ज़ है। डायरी देख दोनों ही बहुत प्रभावित हुए।




