गाजियाबाद

आर्य केंद्रीय सभा की नई कार्यकारिणी का विस्तार, मातृशक्ति प्रकोष्ठ भी गठित 

गाजियाबाद। आर्य केंद्रीय सभा गाजियाबाद की चुनाव के बाद पहली बैठक रविवार को राजनगर स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित की गई। डॉ. वीरेंद्र नाथ सरदाना की अध्यक्षता में हुई बैठक का शुभारंभ ईश्वर स्तुति, प्रार्थना और उपासना के साथ हुआ। बैठक में नई कार्यकारिणी के विस्तार की घोषणा के साथ संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। महामंत्री कृष्ण कुमार यादव ने पिछली बैठक की चुनाव संबंधी कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। इसके बाद उन्होंने मातृशक्ति प्रकोष्ठ सहित नई कार्यकारिणी के विस्तारित स्वरूप की घोषणा की और पदाधिकारियों का परिचय कराया। महामंत्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सभी के सहयोग से स्वामी दयानंद जन्मोत्सव, ऋषि निर्वाण दिवस, आर्य समाज स्थापना दिवस, ऋषि बोधोत्सव और श्रद्धानंद बलिदान दिवस जैसे कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ शिथिल पड़े आर्य समाजों को दोबारा सक्रिय करना तथा वैदिक विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना सभा की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को सत्य और वैदिक धर्म के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को इससे जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। बैठक में संगठन के विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को गति देने पर भी विचार-विमर्श हुआ। जिला सभा के मंत्री सत्यवीर चौधरी ने बताया कि स्वामी श्रद्धानंद के शताब्दी बलिदान दिवस के अवसर पर 25, 26 और 27 दिसंबर 2026 को गाजियाबाद महानगर में भव्य शोभायात्रा और तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों के लिए संगठन के सदस्यों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। ओमपाल शास्त्री ने मातृशक्ति और युवाओं को संगठन की गतिविधियों में आगे लाने पर जोर दिया। विजय पाल कसाना ने यज्ञ की महिमा पर विचार रखे। वक्ताओं ने वैदिक विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को इससे जोडऩे की आवश्यकता बताई। कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने कहा कि आर्य समाज को युवाओं के बीच वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए अपनी वैचारिक शक्ति का उपयोग करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी वैदिक संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सके। इस अवसर पर श्रद्धानंद शर्मा, डॉ. आरके आर्य, वेदव्यास, विजयेन्द्र आर्य, प्रदीप गुप्ता, वेद प्रकाश तोमर, सुरेश आर्य, सेवाराम त्यागी, सतीश आर्य और कविता राठी ने भी अपने विचार रखे। बैठक में सुमन चौहान, शिल्पा गर्ग, डॉ. प्रतिभा सिंघल, प्रवीण आर्य, डॉ. प्रमोद सक्सेना, सुभाष शर्मा और सुरेश प्रसाद समेत अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button