श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के आशीर्वाद से देश भर से भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए आए लाखों श्रद्धालुओं व कांवड़ियों की श्रावण शिवरात्रि ऐतिहासिक व यादगार बन गई

गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद में श्रावण मास की पावन शिवरात्रि पर रविवार 9 अगस्त से भगवान दूधेश्वर महादेव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं व कांवड़ियों का अपार जनसैलाब उमड़ रहा है। सोमवार को भक्तों की विशाल भीड़ रही तो मंगलवार को श्रावण शिवरात्रि पर मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन से भक्ति, श्रद्धा, आस्था व विश्वास की ऐसा वर्षा हुई, जिसमें भीगकर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु व कांवड़िये धन्य हो गए। भगवान दूधेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र ह्लहर-हर महादेवह्व और ह्लबोल बमह्व के जयघोष से शिवमय हो उठा। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जो इन दिनों लंदन प्रवास पर हैं, उन्होंने लंदन से ही सभी भक्तों को श्रावण शिवरात्रि की बधाई व शुभकामनाएं दीं और अपना आशीर्वाद प्रदान किया। महाराजश्री ने कहा कि 40 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब वे श्रावण शिवरात्रि पर अपने आराध्य भगवान दूधेश्वर महादेव सेवा के लिए उपस्थित नहीं हैं। इसका मुझे हृदय से दु:ख और पीड़ा है। भगवान दूधेश्वर महादेव की सेवा मेरे जीवन की सबसे बड़ी साधना है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि इस बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि एक तो भगवान दूधेश्वर का आदेश कि संत सनातन कुंभ से पूरे विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दो और दूसरे संत संसद में सम्मिलित होने वाले अनेक पूज्य संत-महात्माओं ने कहा कि यदि वे नहीं जाएंगे तो वे भी संत संसद में शाामिल नहीं होंगे। भगवान दूधेश्वर चाहते हैं कि सनातन धर्म व सनातन धर्म का परचम पूरे विश्व में फहराए जिससे पूरे विश्व, मानवता व सभी जीव-जंतुओं का कल्याण हो। भगवान ने मुझे ऐसे महान व पुनीत कार्य के लिए माध्यम बनाया, यह उनके जीवन का सबसे बडा सौभाग्य है। संतों के आग्रह एवं आदेश तथा नेटवर्क 10 के एमडी एवं एडिटर-इन-चीफ संजय गिरि के विशेष आग्रह पर भी उन्हें संत संसद में सम्मिलित होने का निर्णय लेना पड़ा। श्रावण शिवरात्रि पर अपने आराध्य से दूर होने का दुख तो था, मगर भगवान ने ऐसी कृपा की कि लंदन की धरती को ही दूधेश्वर मय कर दिया। भगवान की कृपा के चलते ही उन्हें पूर्ण विश्वास था कि उनकी अनुपस्थिति में भी भगवान दूधेश्वर की सेवा और श्रावण शिवरात्रि की व्यवस्था में कोई कमी नहीं होगी और लाखों श्रद्धालु व कांवड़ियों को कोई परेशानी नहीं होगी। दी जाएगी। महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, मंदिर के प्रबंधक अमित शर्मा, शंकर झा, अजय चोपड़ा, मंदिर परिवार, समस्त कार्यकतार्ओं और स्वयंसेवकों ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। साथ ही जिला प्रशासन, जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन, नगर निगम तथा गाजियाबाद के सभी संबंधित विभागों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दर्शन, जलाभिषेक, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं को बहुत अच्छे ढंग से संभाला, जिसके लिए वे सभी का धन्यवा करते हैं।
श्रृंगार सेवा समिति को आशीर्वाद: श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष श्री विजय मित्तल और उनके 150 समर्पित कार्यकतार्ओं ने लगातार तीन दिनों तक अपने स्वास्थ्य, आराम और व्यक्तिगत सुविधाओं की परवाह किए बिना भगवान दूधेश्वर और उनके भक्तों की सेवा की। वे उन्हें हृदय की गहराइयों से साधुवाद और आशीर्वाद देते हैं। इतने विशाल जनसैलाब के बीच दिन-रात सेवा करना वास्तव में भगवान की आराधना के समान है। भगवान श्री दूधेश्वर महादेव विजय मित्तल , उनके परिवार तथा श्रृंगार सेवा समिति के सभी 150 कार्यकतार्ओं पर सदैव अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाए रखें। मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार जी ने भी इस पूरे आयोजन के दौरान अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। मंदिर की गतिविधियों, श्रद्धालुओं की सेवा और शिवरात्रि महोत्सव की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय रहा। भगवान दूधेश्वर महादेव उन्हें और उनके परिवार को सदैव सुख, समृद्धि एवं शक्ति प्रदान करें।
अनुज धर्मपाल गर्ग ने सेवा परंपरा को आगे बढ़ाया: श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष श्री अनुज धर्मपाल गर्ग का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनके पूज्य पिता स्वर्गीय धर्मपाल गर्ग ने अपने जीवनकाल में सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के विकास और सेवा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य किए। मंदिर के प्रति उनका समर्पण और सेवाभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके देवलोकगमन के बाद उनके पुत्र अनुज गर्ग ने उसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाला। अध्यक्ष के रूप में यह उनकी पहली श्रावण शिवरात्रि रही और उन्होंने इस विशाल आयोजन की व्यवस्थाओं को बहुत ही सुंदर, व्यवस्थित और सेवाभाव के साथ संभाला। यह उनके पिता धर्मपाल गर्ग द्वारा स्थापित सेवा-संस्कारों का ही परिणाम है कि आज उनकी अगली पीढ़ी भी भगवान दूधेश्वर महादेव की सेवा में पूरी श्रद्धा से समर्पित है। भगवान श्री दूधेश्वर महादेव श्री अनुज गर्ग जी, उनके परिवार एवं समस्त परिवारजनों पर सदैव अपना आशीर्वाद बनाए रखें और उन्हें मंदिर की सेवा करने की शक्ति प्रदान करते रहें। मैं विशेष रूप से विष्णुप्रिया गिरि तथा जलाभिषेक, दर्शन एवं मंदिर व्यवस्था में दिन-रात सेवा करने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और सेवाभावी श्रद्धालु को हृदय से धन्यवाद एवं साधुवाद देता हूं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में भारत और सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने सनातन धर्म, धार्मिक स्थलों, तीर्थों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इन्हीं परिस्थितियों और सनातन धर्म के वैश्विक विस्तार को ध्यान में रखते हुए वे लंदन में आयोजित संत संसद में शामिल हुए हैं। संत संसद 15 अगस्त तक चलेगी जिससे संत-महात्मा सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार, विश्व शांति और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश देंगे। 16 अगस्त को मैं पुन: अपने आराध्य भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव की सेवा में उपस्थित हो जाऊंगा। श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं गाजियाबाद की समस्त जनता, शिवभक्तों, कांवड़ियों, मंदिर परिवार, श्रृंगार सेवा समिति, दूधेश्वर विकास समिति, सभी कार्यकतार्ओं, स्वयंसेवकों, सेवा समितियों, मीडिया प्रतिनिधियों, पुलिस एवं जिला प्रशासन और नगर निगम को हृदय की गहराइयों से धन्यवाद एवं साधुवाद देता हूं।





