दिल्ली

पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परिवर्तन दल अध्यक्ष डी पी यादव ने किया सीए राणा प्रताप की पुस्तक “बोरो स्मार्ट, ग्रो फास्ट” का विमोचन

दिल्ली। कहते हैं कि सपने तो हर एक इंसान देखता है परंतु उन सपनों को पूरा करने की कोशिश कुछ विरले ही करते हैं। जो लोग अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश पूरी ईमानदारी के साथ करते हैं उन्हें सफलता भी अवश्य मिलती है। सीए प्रताप राणा का नाम भी ऐसी ही एक शख्सियत के रूप में देखा जा सकता है जिन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदलने के लिए गंभीर प्रयास किए। राणा प्रताप के सपनों को हकीकत में बदलने के गवाह आज उनके सैंकड़ों शुभ चिंतक बने। मौका था उनके द्वारा लिखी पुस्तक, “बोरो स्मार्ट, ग्रो फास्ट”, के विमोचन का। राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित पाँच सितारा लीला होटल में आयोजित समारोह में पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी पी यादव ने सीए राणा प्रताप की पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती की स्तुति के साथ हुआ। तत्पश्चात एक शाॅर्ट वीडियो फिल्म के माध्यम से सीए राणा प्रताप के विषय में जानकारी दी गई। बिट्टू टिक्की वाले के नाम से अपनी खास पहचान बनाने वाले सती राम यादव (बिट्टू) ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लोन लेना पड़े तो उसे पीछे नहीं हटना चाहिए क्योंकि बिना लोन लिए बिजनेस में आगे बढ़ना आसान नहीं है। केबीसी में बिहार के एक विजेता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में ठोस प्लानिंग भी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि बिना किसी ठोस प्लानिंग के 7 करोड़ रुपये जीतने के कुछ समय पश्चात ही वह व्यक्ति 11 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी करने पर मजबूर हो गया था।
पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परिवर्तन दल अध्यक्ष डी पी यादव ने पुस्तक विमोचन पर राणा प्रताप को शुभकामनाओं के साथ ही सलाह देते हुए कहा कि वो प्रण लें कि जब भी उनकी कलम चलेगी वो गरीबों के बीच से होकर निकलेगी। भारत के ज्यादातर लोग ग्रामीण परिवेश में रहकर अभाव का जीवन जीने पर विवश रहते हैं। ऐसे में हम उनकी बात कर उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
सीए राणा प्रताप इस अवसर पर अपने उदगार व्यक्त करते हुए काफी देर तक भावुक नजर आए। ऐसे में उनकी बड़ी बहन ने स्टेज पर पहुँचकर सीए राणा प्रताप को ढ़ांढस बंधाते हुए कहा कि उन्हें अपने भाई पर गर्व है। राणा प्रताप ने अपनी खास यात्रा के विषय में बात करते हुए कहा कि उन्हें ‘काश’ शब्द से सबसे अधिक नफरत है। उन्होंने सलाह दी कि ‘काश’ शब्द को अपने जीवन से निकाल देना चाहिए। ऐसा करने से प्रगति के मार्ग अपने आप ही खुल जाते हैं। इस मौके पर राणा प्रताप के मित्रगण, बीएनआई परिवार के सदस्य सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफ़ल बनाया।

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