सीवेज में पोलियो वायरस मिलने के बाद डब्ल्यूएचओ की टीम ने गाजियाबाद में डाला डेरा

गाजियाबाद। डूंडाहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियोवायरस (वीडीपीवी) टाइप-1 मिलने के करीब दो महीने बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम बुधवार को गाजियाबाद पहुंची। टीम ने सबसे पहले सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चलाए गए पोलियो अभियान और निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद डब्ल्यूएचओ की टीम कैला भट्टा, विजयनगर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना पहुंची। यहां स्थानीय अधिकारियों से टीकाकरण अभियान, बच्चों के सर्वे और छूटे हुए बच्चों को दी गई पोलियो खुराक के संबंध में जानकारी हासिल की गई। टीम में शामिल अधिकारियों ने ई-वैक्सीन स्टोर का भी निरीक्षण किया और टीकाकरण में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन के रखरखाव, तापमान और वितरण व्यवस्था को समझा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल और डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अभिषेक ने बताया कि टीम में नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और तिमोरलेस्ते के 21 अधिकारी शामिल हैं। टीम गाजियाबाद में पोलियो अभियान की योजना, सर्वे और निगरानी व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन कर रही है, ताकि इन व्यवस्थाओं को अपने-अपने देशों में भी लागू किया जा सके। पांच जून 2026 को डूंडाहेड़ा एसटीपी के सीवेज नमूने में पोलियो वायरस मिलने के बाद शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों की बैठक हुई थी। आठ जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में जिले के 12 अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर सर्वे और विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने विजयनगर, कैला भट्टा, राजनगर, घूकना समेत 12 से अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में 100 से अधिक टीमें लगाकर डोर-टू-डोर सर्वे कराया। सर्वे में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का विवरण तैयार किया गया। 26 जून तक करीब डेढ़ लाख बच्चों का सर्वे पूरा हुआ। इनमें लगभग एक हजार बच्चे पोलियो की खुराक या नियमित टीकाकरण से वंचित मिले, जिन्हें अभियान के दौरान टीका और पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गईं। अभियान के तहत 28 जून को जिले में छह लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। पूरे अभियान की निगरानी राज्य स्तरीय अधिकारियों और डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञों ने की। अधिकारियों के अनुसार, सीवेज नमूने में वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही टीकाकरण व्यवस्था को भी मजबूत किया है। डब्ल्यूएचओ की टीम ने अधिकारियों से अभियान की कार्ययोजना, वैक्सीन भंडारण, घर-घर सर्वे और छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। टीम के दौरे को गाजियाबाद में पोलियो उन्मूलन अभियान की व्यवस्थाओं के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकलन के रूप में देखा जा रहा है।



