प्रधानमंत्री के उद्घाटन शिलापट्ट को हटाने पर गरमाया विवाद
गाजियाबाद। कमला नेहरू नगर स्थित राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का उद्घाटन शिलापट्ट हटाए जाने का मामला बुधवार को फिर गरमा गया। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर समर्थकों के साथ संस्थान पहुंचे और शिलापट्ट हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शिलापट्ट हटाने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और वह इस मामले में मुकदमा दर्ज कराएंगे।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे विधायक ने अस्पताल प्रबंधन से मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बने यूनानी अस्पताल का उद्घाटन 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। ऐसे में प्रधानमंत्री के नाम का उद्घाटन शिलापट्ट हटाकर कमरे में रखना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि शिलापट्ट पुलिस ने बरामद कर लिया है। विधायक ने आरोप लगाया कि बिना किसी सूचना के शिलापट्ट हटाया जाना अस्पताल प्रबंधन की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने अस्पताल में हिन्दू छात्रों के प्रवेश और स्टाफ भर्ती का मुद्दा भी उठाया। साथ ही आरोप लगाया कि संस्थान में एक विशेष धर्म के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की रोटी खाने और पाकिस्तान जैसी सोच रखने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, यूनानी अस्पताल के प्रभारी नसीम अहमद ने बताया कि उन्होंने करीब तीन माह पहले ही संस्थान का कार्यभार संभाला है। उन्हें शिलापट्ट हटाए जाने के मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री से जुड़ा शिलापट्ट हटाया गया है तो यह गंभीर विषय है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।



