दूधेश्वर धाम में गूंजेगा हर-हर महादेव, श्रावण शिवरात्रि पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब

गाजियाबाद। ऐतिहासिक एवं पौराणिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में पवित्र श्रावण मास का श्रावण शिवरात्रि महोत्सव इस बार श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। 10 अगस्त को द्वितीय सोमवार के साथ त्रयोदशी-प्रदोष तथा 11 अगस्त को चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि का विशेष संयोग होने के कारण मंदिर में लाखों शिवभक्तों और कांवडिय़ों के पहुंचने की संभावना है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर में दोनों दिन विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और आठों प्रहर भगवान शिव की आराधना की जाएगी। मंदिर के पीठाधीश्वर परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन निर्देशानुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से संपन्न होंगे। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस.आर. सुथार ने बताया कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज इन दिनों लंदन में आयोजित संत संसद में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर विश्व को धर्म, करुणा, अहिंसा, मानवता, संस्कार, शांति और समरसता का संदेश दे रहे हैं। लंदन में रहते हुए भी महाराजश्री कांवड़ मेले और श्रावण शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों की लगातार जानकारी ले रहे हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में हाजिरी के जल का अभिषेक रविवार शाम तक संपन्न हो गया। त्रयोदशी एवं प्रदोष का जलाभिषेक सोमवार, 10 अगस्त को सुबह 8 बजे से शुरू होगा। इसी दिन द्वितीय सोमवार होने के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त भगवान दूधेश्वर नाथ का जलाभिषेक करेंगे। चतुर्दशी एवं श्रावण शिवरात्रि पर मंगलवार, 11 अगस्त को सुबह 6 बजे से जलाभिषेक शुरू होगा, जो पूरे दिन और रात्रि तक चलेगा। श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव का आठों प्रहर विशेष पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। प्राचीन देवी मंदिर, दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज भगवान दूधेश्वर की विशेष धूप-दीप आरती करेंगे। षष्ठम प्रहर का पूजन रात 8 से 10 बजे, सप्तम प्रहर रात 11 से 1 बजे और अष्टम प्रहर रात 2 से सुबह 4 बजे तक होगा। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष तथा वैदिक मंत्रों से गुंजायमान रहेगा। श्रावण शिवरात्रि का व्रत भी मंगलवार को ही रखा जाएगा। महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने कांवड़ यात्रा के दौरान कई कांवड़ शिविरों का उद्घाटन भी किया। इन शिविरों में सैकड़ों कांवडिय़ों के ठहरने, भोजन, प्रसाद और भजन-कीर्तन की व्यवस्था की गई है। दो दिवसीय कांवड़ मेले के दौरान 10 और 11 अगस्त को मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। कांवडिय़ों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर के स्वयंसेवक 24 घंटे श्रद्धालुओं और कांवडिय़ों की सेवा में तत्पर रहेंगे। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज धर्म गर्ग ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे श्रद्धा, संयम और शांति के साथ दर्शन एवं जलाभिषेक करें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम और मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल अपनी टीम के साथ जुटे हुए हैं। मंदिर प्रबंधक अमित शर्मा, आचार्य लक्ष्मीकांत, शंकर झा, पुनित पावा, सचिव आचार्य तोयराज सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और व्यवस्थापक श्रद्धालुओं की सेवा में मौजूद रहेंगे।



