मिठाई में मिलावट की रेकी कर रहा खाद्य सुरक्षा विभाग, 10 टीमें मुस्तैद
गाजियाबाद। रक्षाबंधन पर्व पर लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने जिले में 10 विशेष टीमें गठित की हैं, जो मिठाई बनाने वाले कारखानों और बड़े प्रतिष्ठानों की लगातार रेकी कर रही हैं। टीमें खोया, रसगुल्ला, घेवर समेत विभिन्न मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के साथ उनके नमूने भी ले रही हैं। लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। मिलावटी खाद्य सामग्री को दूसरे जनपदों से गाजियाबाद में खपाने की कोशिश पर रोक लगाने के लिए विभाग ने शहर की सीमाओं पर भी टीमों की रोस्टर के आधार पर तैनाती की है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल मिठाई की दुकानों तक कार्रवाई सीमित रखना नहीं, बल्कि मिलावटी खाद्य सामग्री के स्रोत और आपूर्ति तंत्र तक पहुंचना है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपने-अपने क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मिठाई बनाने वाले कारखानों और प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की है। इसी सूची के आधार पर टीमें संबंधित प्रतिष्ठानों की रेकी कर रही हैं। किसी प्रतिष्ठान में मिलावट की सूचना मिलने अथवा संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर टीम मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए जा रहे हैं। साथ ही प्रतिष्ठान में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी प्रतिष्ठान में गंभीर स्तर पर गंदगी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों की मांग बढऩे के कारण विभाग ने विशेष रूप से उन खाद्य पदार्थों पर नजर बढ़ाई है, जिनकी बिक्री इस दौरान अधिक होती है। खोया, रसगुल्ला, घेवर समेत विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि त्योहार के दौरान बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट कर सकते हैं। जिला अभिहित अधिकारी सुरेश मिश्रा ने बताया कि विभाग लगातार मिठाई बनाने वाले कारखानों और बड़े प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहा है। जहां भी मिलावट की जानकारी मिलती है, वहां टीम भेजकर जांच की जाती है। मौके पर मिठाइयों और खाद्य सामग्री के नमूने लेने के साथ प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था भी देखी जाती है। नमूनों को प्रयोगशाला भेजकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं, ताकि त्योहार के दौरान लोगों तक गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके। इस बार खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का दायरा जिले की सीमा से आगे तक बढ़ाया है। यदि जांच के दौरान किसी विशेष सप्लायर या कारोबारी की भूमिका सामने आती है तो विभाग की टीमें संबंधित जनपद तक पहुंचकर सामग्री के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। इसका उद्देश्य गाजियाबाद में बाहर से आने वाली संदिग्ध खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाना है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय ने बताया कि अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मिठाई बनाने वाले कारखानों और प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की है। इसी आधार पर रेकी और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान खाद्य सामग्रियों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। यदि मौके पर किसी प्रतिष्ठान में गंदगी या गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है और आवश्यकता पडऩे पर प्रतिष्ठान को सील भी किया जाता है। विभाग की 10 टीमें लगातार सक्रिय हैं और रक्षाबंधन तक मिठाई व खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी जारी रखने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



