स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के लिए गाजियाबाद में जमीन की तलाश तेज
गाजियाबाद। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना के लिए गाजियाबाद में जमीन की तलाश तेज कर दी गई है। सेंटर के लिए करीब पांच एकड़ ग्राम समाज की जमीन की आवश्यकता है। इसी को लेकर यूपीसीडा और संबंधित विभागों की टीम ने मोदीनगर क्षेत्र में संभावित जमीन का निरीक्षण किया, लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप भूमि नहीं मिल सकी। इसके बाद अब जिले में अन्य संभावित स्थानों पर मंथन शुरू कर दिया गया है। प्रस्तावित सेंटर के लिए जमीन के साथ वहां तक पहुंचने के लिए कम से कम 20 मीटर चौड़ा मार्ग होना भी अनिवार्य रखा गया है। सेंटर में खेल उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच के साथ खिलाडिय़ों के उपयोग में आने वाले स्पोर्ट्सवियर और जूतों की भी परीक्षण सुविधा विकसित करने की योजना है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 और ओलिंपिक-2034 की तैयारियों के बीच देश में खेल उत्पादों की गुणवत्ता जांच को मजबूत करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रस्तावित सेंटर के माध्यम से खेल क्षेत्र से जुड़े करीब 14 सेक्टर के उत्पादों की गुणवत्ता जांच को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यहां क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी स्टिक समेत विभिन्न खेल उपकरणों की जांच की सुविधा विकसित की जा सकती है। इसके अलावा खिलाडिय़ों को खेल उपकरणों के सही उपयोग और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। सेंटर की स्थापना होने से स्थानीय स्तर पर खेल उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्हें उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सत्यार्थी ने बताया कि केंद्रीय टीम ने मोदीनगर क्षेत्र में जमीन देखी थी, लेकिन अभी उपयुक्त भूमि नहीं मिल सकी है। जमीन की तलाश जारी है और जिले में अन्य संभावित स्थानों पर भी विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय के बाद सेंटर की स्थापना के लिए स्थान निर्धारित किया जाएगा।



