गाजियाबाद

यातायात पुलिस नदारद और आरडीसी का ‘सिंघम’ अकेले मैदान में डटा

गाजियाबाद। आरडीसी राजनगर में यातायात पुलिस की गैरमौजूदगी के बीच चौकी इंचार्ज असपाल ‘सिंघम’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। एक तरफ चौकी और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ सड़कों पर लगने वाले जाम को खुलवाने की चुनौती। दोनों मोर्चों पर चौकी इंचार्ज खुद डटे दिखाई दे रहे हैं।
आरडीसी में वाहनों का दबाव बढ़ते ही असपाल खुद सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था संभालते और जाम खुलवाते नजर आते हैं। उनकी सक्रियता को देखते हुए स्थानीय लोग उन्हें आरडीसी का ‘सिंघम’ कहने लगे हैं।
जबकि शहर के अधिकांश प्रमुख बैंकों की शाखाएं भी आरडीसी में ही स्थित हैं, जिसके चलते रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहकों, व्यापारियों और कर्मचारियों का आवागमन होता है। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
आखिर चौकी इंचार्ज अकेले क्या-क्या संभालें—चौकी, कानून-व्यवस्था या सड़कों पर लगने वाला जाम?
आरडीसी जैसे व्यस्त क्षेत्र में यदि जाम खुलवाने की जिम्मेदारी भी चौकी इंचार्ज को निभानी पड़ रही है, तो सवाल उठना लाजिमी है—आरडीसी की यातायात पुलिस आखिर कहां है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button