विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम-वीवीपैट की होगी कड़ी जांच, 22 सितंबर तक चलेगा परीक्षण

गाजियाबाद। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरू कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जिले में मतदान के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस में 22 सितंबर तक चलेगी। जांच का जिम्मा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों को सौंपा गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में मशीनों की तकनीकी स्थिति, कार्यप्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुरूप उनकी क्षमता की जांच की जाएगी। जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि ईवीएम और वीवीपैट का परीक्षण निर्धारित प्रक्रिया और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। जांच में पूरी तरह सफल और मानकों पर खरी उतरने वाली मशीनों का ही आगामी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी व्यवस्थाएं आयोग के निर्देशों के अनुरूप की गई हैं। जांच पूरी होने के बाद सही पाई गई ईवीएम और वीवीपैट को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने चलाकर भी दिखाया जाएगा। इससे मशीनों की कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता बनी रहेगी और चुनाव से पहले किसी तरह की तकनीकी खामी की संभावना को दूर किया जा सकेगा। गौरतलब है कि गाजियाबाद जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिले में करीब 3200 ईवीएम और वीवीपैट की आवश्यकता होगी। ऐसे में प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया चुनाव तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।



