‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी पर डीएम की दो टूक, लापरवाही मिली तो जिम्मेदार अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और जिला अनुश्रवण पुस्तिका में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी प्राप्त करने वाले विभागों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन से निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूरा करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों की योजनाओं और कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए कमियों को समय रहते दूर करें। डीएम ने कहा कि यदि किसी विभाग के विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष अथवा संबंधित जिम्मेदार अधिकारी द्वारा दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है, निर्धारित कार्य समय पर पूरा नहीं होता, कार्य की गुणवत्ता खराब पाई जाती है अथवा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की तय की जाएगी। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभाग के ‘सी’ या ‘डी’ श्रेणी में आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ पहुंचाना, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी अपने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करें और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभाग की प्रगति में लगातार सुधार करते हुए उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त करने का प्रयास करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चन्द्र वैश्य, जिला सांख्यिकी अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित विद्युत, वन, शिक्षा, निर्माण और अन्य विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।



