चांदी के कमल पुष्प में शेषनाग के फ़न पर विराज दिए दर्शन , छप्पन भोग दर्शनों की आभा से निहाल हुए भक्त

21 हजार किलो व्यंजनों किए गिरिराज जी को अर्पित
मथुरा/गोवर्धन। गिरिराज तलहटी में हुए अलौकिक छप्पन भोग दर्शन की ऐसी आभा बिखरी कि श्रद्धालु सुधबुध खो प्रभु को एक टक निहारते रहे, ! सप्त रत्नों और चाँदी से बने कमल पुष्प में शेषनाग के फ़न पर गिरिराज प्रभु विराज रहे थे ! हर कोई अपने प्रभु के दिव्य दर्शन को आतुर दिखा और प्रभु प्रेम की दीवानगी ऐसी कि प्रभु को एकटक निहारते ही रहे लोग ! श्रद्धालु भक्तिविभोर होकर नाचने झूमने लगे।
छप्पन भोग में हजारों श्रद्धालु झूमते दिखे इससे पूर्व ब्रज के हजारों साधु संतों ने प्रसाद लिया ! साधु संतों को समिति ने भरपूर दान दिया ! दोपहर खुले दर्शनों के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता रहा ! छप्पन भोग स्थल पर पहुंचने के लिए हर व्यक्ति आतुर दिखा ! भक्त कैसी भी परेशानी उठा इन दर्शनों का मोह नहीं छोड़ पा रहे थे ! समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने आरती उतारी उसके बाद दर्शन खोल दिए गए !
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने कहा कि इस दुर्लभ क्षण का हर कोई साक्षी बनने को आतुर दिखा ये प्रभु के प्रति सबका प्रेम है !
गिरिराज सेवा समिति के संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ रुनना महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती दिनेश सादाबाद कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल देवेश सरन सर्राफ नीरज गोयल मुख्य सयोंजक राघवेंद्र गर्ग संयोजक अनमोल बंसल संयोजक बाँके बिहारी सोनी सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक कन्नू अग्रवाल दिनेश मंगल बनबारी लाल अग्रवाल पंकज जौहरी अरविन्द विसावर कपिल अग्रवाल महावीर अग्रवाल संजय जिंदल् अमित मर्बिल लल्लू सिंह राजीव अग्रवाल अंकित बंसल प्रदीप खंडेलवाल आदि ने हजारों श्रद्धालुओं का पटुका पहनाकर स्वागत किया !


