महिला सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पुलिस उपायुक्त ने एंटी रोमियो टीमों को दिए सख्त निर्देश-एंटी रोमियो टीमों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश, संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी

गाजियाबाद। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन/मुख्यालय धवल जायसवाल ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों और एंटी रोमियो स्क्वाड टीमों को महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में महिला सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम को लेकर आयोजित गोष्ठी में उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गोष्ठी में अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध तथा सभी थानों की एंटी रोमियो स्क्वाड टीमों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस उपायुक्त ने टीमों से महिला अपराधों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। धवल जायसवाल ने कहा कि महिला संबंधी किसी भी शिकायत को सामान्य मामला मानकर टालने के बजाय उसकी गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि पीडि़त महिलाओं और बालिकाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध की संभावना वाले स्थानों और परिस्थितियों की पहचान कर पहले से प्रभावी रोकथाम करना भी जरूरी है। पुलिस उपायुक्त ने सभी थानों की एंटी रोमियो स्क्वाड टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास तथा महिलाओं और छात्राओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने टीमों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं को किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस न हो। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जरूरत के अनुसार संबंधित थाना पुलिस से समन्वय स्थापित किया जाए। गोष्ठी के दौरान पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पुलिस की कार्यशैली का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर पुलिसिंग का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी टीमों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और महिला अपराधों की रोकथाम के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




