बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं, स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग की पैनी नजर-स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था परखी, चालकों को यातायात नियमों का पाठ

गाजियाबाद। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत विद्यालयीन वाहनों की जांच तेज कर दी है। गुरुवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. सियाराम वर्मा ने गाजियाबाद और हापुड़ जनपद का भ्रमण कर अभियान के तहत चल रही प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की। इसके बाद विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर स्कूल बसों और अन्य विद्यालयीन वाहनों का स्थलीय एवं भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों, आवश्यक व्यवस्थाओं और निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की गई। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों का संचालन केवल वैध फिटनेस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। चालक और परिचालक से संबंधित जरूरी अभिलेख भी अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान विद्यालयीन वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और वाहन में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही विद्यार्थियों को बैठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि सफर के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. सियाराम वर्मा ने कहा कि विद्यालयीन वाहनों में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन, चालकों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सुरक्षित विद्यालयीन परिवहन व्यवस्था विकसित करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि बच्चों के लिए केवल फिट, सुरक्षित और निर्धारित मानकों वाले वाहनों का ही प्रयोग सुनिश्चित करें। मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तहत स्कूल वाहनों की जांच और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा।



